नई दिल्ली - सऊदी अरामको जो दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी है, ने बुधवार को भारत के तीन प्रमुख तेल कंपनियों के साथ मिलकर भारत में एक विशाल रिफाइनरी परिसर के निर्माण के लिए 44 अरब डॉलर के सौदे की घोषणा की थी।
सऊदी कंपनी ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद एक बयान में कहा कि महाराष्ट्र की रत्नागिरी रिफाइनरी की क्षमता एक दिन में 12 लाख बैरल तेल का प्रतिदिन उत्पादन करने तक पहुंच जाएगी। रत्नागिरि कॉम्प्लैक्स परिसर "विश्व की सबसे बड़ी रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स परियोजनाओं में एक होगा और भारत के तेजी से बढ़ते ईंधन और पेट्रोकेमिकल्स की मांग को पूरा करने में सक्षम होगा।
सऊदी अरब रुस के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के मुताबिक, अरामको सबसे बड़ी तेल कंपनी है जो दुनिया के बाजारों में अपना तेल पहुंचाती है। अरामको का भारत में निवेश करना कंपनी की वैश्विक रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। साथ ही भारत के साथ सऊदी के प्रगाण होते रिश्तों का भी सबूत है। यह बात सऊदी अरामको के प्रेसिडेंट अमीन नसरी ने कही है।
ऑयल के इंटरनैशनल मार्केट में भारत और चीन जैसे ऑयल के बड़े उपभोक्ताओं का महत्व बढ़ गया है। दुनिया की कई बड़ी पेट्रोलियम कंपनियां भारत में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं। गौरतलब है कि सऊदी अरामको महाराष्ट्र की ऑयल रिफाइनरी में 50 फीसद की हिस्सेदारी खरीदेगी। सऊदी अरब छह करोड़ टन की क्षमता वाली इस रिफाइनरी के लिए 50 फीसद तेल की आपूर्ति करेगा।

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