नई दिल्ली - माल एवं सेवाकर नेटवर्क (जीएसटीएन) ने आज बताया कि नियार्तकों को रिफंड दाखिल करने के लिए उसके पोर्टल पर जीएसटीआर1 फॉर्म में टेबल 6ए भरना होगा और इसकी शुरुआत कर दी गई है।
जीएसटीएन ने एक विज्ञप्ति में कहा कि कोई नियार्तक, नियार्त के दौरान जमा किए गए एकीकत जीएसटी (आईजीएसटी) कर की वापसी के दावे के लिए भेजे गए (शिपिंग) बिल और दिए गए जीएसटी कर के इनवॉयस को अपने उस माह के जीएसटीआर1 फॉर्म में भर सकता है। नियार्तक द्वारा भरे गए शिपिंग बिल को नियार्त किए गए माल पर कर वापसी का आवेदन माना जाता है।
जीएसटीएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश कुमार ने कहा, इनपुट सेवा प्रदाता या एकमुश्त कर देने वाला करदाता या स्रोत पर कर कटौतीकर्ता या स्रोत पर कर संग्रहाक को छोड़कर हर पंजीकत करदाता जिसने आईजीएसटी का भुगतान कर नियार्त किया है, वो जीएसटी पोर्टल पर दिए गए फॉर्म जीएसटीआर1 फॉर्म में टेबल 6ए को इलेक्ट्रॉनिक रूप से फाइल कर सकते हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार जीएसटीआर1 फॉर्म की टेबल 6ए के जरिये करदाता संबंधित अवधि के लिए नियार्त संबंधी आंकड़ों को फाइल कर सकते हैं। इस कर अवधि के रिफंड को जीएसटीआर3बी और जीएसटीआर1 फॉर्म के टेबल 6ए में की गई घोषणा के आधार पर आगे बढ़ाया जा सके। करदाता जीएसटीआर1 फॉर्म के टेबल 6ए में बिना कुछ भरे जीएसटीआर1 -2, -3, को बाद में भर सकता है।
चूंकि अगस्त, सितंबर और अक्तूबर के लिए काफी करदाताओं ने जीएसटीआर3बी के तहत रिटर्न भर दिया है लेकिन अगस्त के लिए जीएसटीआर1 फॉर्म भरने की तारीखों की घोषणा अभी तक न होने से जीएसटीआर1 फॉर्म फाइल नहीं किया जा सका है। इसलिए नियार्तकों को रिफंड आवेदन करने के लिए इस प्रक्रिया को उपलब्ध कराया गया।
जीएसटीएन का कहना है कि जीएसटीआर1 फॉर्म में टेबल 6ए में जानकारी भरने के बाद नियार्तक अपने नियार्त आंकड़े को संरक्षित और अपलोड कर सकते हैं। यह टेबल अलग से निकाली जाएगी। नियार्तकों द्वारा इसे डिजिटल हस्ताक्षर करने के बाद यह अपने आप सीमाशुल्क विभाग के बाद पहुंच जाएगी। इसके बाद सीमा शुल्क विभाग इस टेबल में दी गई जानकारी को शिपिंग बिल आंकड़ों और जीएसटीआर3बी फार्म के कर भुगतान के साथ मिलान कर प्रमाणित करेगा। इसके बाद रिफंड की राशि या तो सीधे नियार्तक के बैंक खाते में पहुंच जाएगी या फिर उसे चेक जारी कर दिया जाएगा।
धातु एवं खनन क्षेत्र की कंपनी वेदांता लिमिटेड ने आज यहां कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) का उसके ऊपर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ा। उसने कहा कि नयी कर व्यवस्था से उसे देश में आपूर्ति बेहतर करने में मदद मिली है। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अरण कुमार ने पीटीआई भाषा से कहा, हमारे ऊपर जीएसटी के कारण कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है और हमें इससे कोई दिक्कत नहीं है। इससे हमें देश में आपूर्ति श्रंखला बेहतर करने में तथा उपभोक्ताओं को और अच्छी सेवाएं देने में मदद ही मिली है। कुमार ने नयी कर व्यवस्था का स्वागत करते हुए इसे शानदार कदम बताया और कहा कि वस्तुओं एवं सेवाओं के आवागमन में इसने देश को एकीकत भूगोल में तब्दील किया है। उल्लेखनीय है कि नयी कर व्यवस्था के लागू हुए चार महीने हो चुके हैं। इसके कारण कई दिक्कतें और क्रियान्वयन संबंधी रकावटें सामने आयी थीं। इसके मद्देनजर जीएसटी परिषद गठित की गयी थी जो कई चरणों में बदलाव के जरिये दिक्कतों को ठीक कर रही है।

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