नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड का गर्वनर बनने की उनकी कोई योजना नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक मार्क कार्ने के पद छोड़ने के बाद उन्हें बैंक ऑफ इंग्लैंड के प्रमुख बनने का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था। कार्ने का कार्यकाल जून 2019 में खत्म होने वाला है।शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस के एक कार्यक्रम के दौरान राजन ने इस संबंध में अपनी स्थिति का उल्लेख किया। लंदन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मेरे पास शिकागो यूनिवर्सिटी में बहुत अच्छी नौकरी है। दरअसल मैं एक एकेडमिक हूं कोई प्रोफेशनल बैंकर नहीं। मैं जहां हूं वहां बहुत खुश हूं।” ब्रिटेन के वित्तमंत्री फिलिप हैमंड इस साल अंत में कार्ने के उत्तराधिकारी का एलान कर देंगे। उन्होंने कहा है कि वो विदेश से किसी उम्मीदवार को चुनेंगे। बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व डिप्टी गवर्नर एंड्रयू बैले इस पद के लिए रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।अगर अन्य संभावित उम्मीदवारों की बात की जाए तो उनमें मैक्सिको के सेंट्रल बैंक के पूर्व प्रमुख ऑगस्टिन कार्स्नटेंस भी हो सकते हैं जो कि मौजूदा समय में बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट का संचालन कर रहे हैं। इस मामले पर जब राजन से पूछा गया कि अगर बैंक उनसे इस पोस्ट के लिए संपर्क करता है तो वो क्या करेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे जो कहना था वो मैं कह चुका हूं। मैं कहीं भी नौकरी के लिए अर्जी देने वाला नहीं हूं।” गौरतलब है कि रघुराम राजन सिंतबर 2016 तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर रह चुके हैं।

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