नई दिल्ली - 8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने जैसे ही 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य घोषित किया, उसके फौरन बाद गूगल पर demonetization (नोटबंदी) जमकर सर्च किया गया। ऐलान के बाद कई दिनों तक गूगल पर ATM queue, Paytm और withdrawal limit जैसे शब्द गूगल सर्च इंजन पर छा गए।
घोषणा के बाद भारत में करीब 40 दिनों तक लोग गूगल पर नोटबंदी टाइप कर इससे जुड़ी खबरें खूब सर्च कर रहे थे। सर्च में अरुणाचल प्रदेश सबसे आगे रहा। दूसरे स्थान पर गोवा और तीसरे पर मेघालय रहा जहां नोटबंदी से जुड़ी सामग्री को खंगाला गया। 18 दिसंबर के बाद नोटबंदी को लेकर सर्च में कमी आने लगी। लोगों ने नोटबंदी का अर्थ, नोटबंदी न्यूज, नोटबंदी का प्रभाव लिखकर भी काफी सर्च किया। 'एटीएम' सर्च के मामले में पूर्वोत्तर राज्य (मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल आदि) आगे रहे। इसके अलावा 'कैश', 'ब्लैक मनी', 'कैश इन एटीएम' 'कैश इन बैंक' टाइपकर काफी सर्च किया गया। इस सख्त फैसले के बाद पीएम मोदी भी सायबर वर्ल्ड में दुनिया भर में जमकर सर्च किए गए। इतने सर्च तो वह प्रधानमंत्री बनने के दौरान भी नहीं किए गए थे।
काले धन को सफेद बनाने का तरीका भी गूगल पर खंगाला गया
ऐलान के फौरन बाद गूगल पर न सिर्फ नोटबंदी, एटीएम जैसे शब्दों को सर्च किया गया बल्कि दो दिनों के भीतर ही यह भी सर्च किया गया कि ब्लैक मनी को व्हाइट में कैसे बदला जाए। पीएम मोदी की घोषणा के बाद गूगल पर 'कालेधन को सफेद धन में कैसे बदला जाए' ट्रेंड हुआ। इसको सर्च करने वालों में सबसे पहले स्थान पर गुजरात रहा। इसके बाद देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और फिर हरियाणा रहा।
ग्राफ में आप देख सकते हैं कि नोटबंदी की घोषणा के पहले सप्ताह तक demonetisation को 100 फीसदी सर्च किया गया। इसके बाद 27 नवंबर तक सर्च का स्तर 74 फीसदी तक गिरा। 27 नवंबर से 18 दिसंबर के बीच नोटबंदी के सर्च का आंकड़ा 21 फीसदी बढ़कर 95 फीसदी पर पहुंच गया।
दरअसल नोटबंदी की घोषणा के बाद समय-समय पर सरकार ने कई नए नियम बनाएं और आवश्यकतानुसार बदलाव किए। इसका असर सर्च मीटर में भी नजर आया। 28 नंबर को सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की घोषणा की। इसके तहत सरकार ने काले धन का खुलासा करने वालों को 50 प्रतिशत टैक्स, पेनल्टी और सरचार्ज के भुगतान के बाद उसे सफेद करने का एक मौका दिया है। 30 नवंबर की घोषणा के तहत रिजर्व बैंक ने जन धन खातों से निकासी की सीमा को महीने में 10 हजार रूपए तक सीमित कर दिया था। 1 दिसंबर को सरकार अपनी पहली घोषणा से पीछे हटी। सरकार ने घोषणा की कि पेट्रोल पम्पों, हवाई जहाज और रेल के टिकटों को खरीदने के लिए पुराने नोटों का इस्तेमाल 15 दिसंबर की बजाय 2 दिसंबर तक ही किया जा सकेगा। 8 दिसंबर को सरकार ने डेबिट या क्रेडिट कार्ड या डिजिटल तरीके से पेट्रोल की खरीदारी पर 0.75 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की थी। 14 दिसंबर को केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि 8 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर तक सभी बैंकों की गतिविधियों और 'करेंसी चेस्ट' की सीसीटीवी फुटेज की रिकार्डिंग को सुरक्षित रखें।
18 दिसंबर के बाद नोटबंदी का सर्च प्रतिशत कम होता चला गया। 4 नवंबर 2017 तक यह 14 प्रतिशत पर आ गया।
एक साल बाद यानी 8 नवंबर, 2017 की स्थिति
बुधवार को नोटबंदी की सालगिरह के दिन demonetisation गूगल सर्च में निचले पायदान पर ट्रेंड कर रहा था। ट्विटर पर #AntiBlackMoneyDay, Demonetisation ट्रेंड करता रहा। लेकिन अगर पिछले एक हफ्ते पर नजर डाली जाए को माना जा सकता है कि इसका प्रभाव अब बेहद कम हो चुका है। demonetisation को न के बराबर सर्च किया जा रहा है। लोग इस आर्थिक घटना को भूलकर आगे बढ़ चले हैं। इससे जुड़ी खबरों को पढ़ने में बहुत कम लोगों की दिलचस्पी है।

 

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