नई दिल्ली - घरेलू निर्यातकों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत मिलने वाले रिफंड में हो रही परेशानी के निवारण के लिए सीबीईसी ने 15 मार्च से एक कैंप लगाने का निर्णय किया है। यह कैंप देशभर में एक पखवाड़े यानी 15 दिनों के लिए लगाया जाएगा।
केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) की चेयरपर्सन वनजा सरना ने शनिवार को कहा कि बोर्ड अब तक निर्यातकों को जीएसटी रिफंड के मद में करीब 5,000 करोड़ रुपये की राशि बांट चुका है। इसके बावजूद जीएसटी लागू होने के आठ महीने बाद भी करीब 70 फीसद निर्यातकों को जीएसटी रिफंड नहीं मिला है।
सरना ने कहा, ‘ऐसा देखा गया है कि व्यापारी जीएसटी रिफंड के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय अक्सर कुछ न कुछ गलतियां कर बैठते हैं। ऐसे कारोबारियों की समस्या के निदान के लिए बोर्ड ने एक पखवाड़े का यह कैंप लगाने की तैयारी की है। यह कैंप 29 मार्च तक चलेगा, इसलिए हमें उम्मीद है कि 31 मार्च तक सभी निर्यातकों के लंबित जीएसटी रिटर्न का भुगतान हो जाएगा।’
सीबीईसी का यह कैंप देशभर में लगेगा। निर्यातक इनमें आकर रिफंड संबंधी समस्याएं बताएंगे। कैंप में सीबीईसी के अधिकारी उन्हें बताएंगे कि उनकी समस्याएं क्या हैं और फिर उन समस्याओं के निदान भी सुझाएंगे। उसके बाद निर्यातकों को रिफंड का भुगतान हो जाएगा।
कारोबारियों की समस्याओं के समाधान के लिए ही जीएसटी काउंसिल ने शनिवार को टैक्स छूट क्लेम के लिए समय-सीमा इस वर्ष अक्टूबर की पहली तारीख तक बढ़ा दी है।

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