नई दिल्ली - भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अपने ग्राहकों को टैक्स रिफंड के चेक भेजने के लिए काम आने वाले लिफाफों को नए सिरे से डिजाइन करेगा। बैंक एसबीआई ने ग्राहकों के पैन व मोबाइल फोन नंबर की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला किया है।
दुरुपयोग का था डर
उल्लेखनीय है कि एक कार्यकर्ता सेवानिवृत्त कमोडोर लोकेश बत्रा ने लगभग डेढ साल पहले यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि एसबीआई द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे लिफाफों से कोई भी संबंधित करदाता के पैन व फोन नंबर जान सकता है और इनका दुरुपयोग किया जा सकता है। बत्रा ने इस मुद्दे को रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल के समक्ष उठाया था। रिजर्व बैंक ने इस मुद्दे को एसबीआई के पास भेजा। एसबीआई ने अब कहा है कि वह इन लिफाफों को नए सिरे से डिजाइन करेगा ताकि किसी भी करदाता की पैन संख्या दिखाई नहीं दे।

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें