नई दिल्ली - कुछ प्रमुख टेलिकॉम ऑपरेटर्स को कारण बताओ नोटिस भेजकर उन्हें इस हफ्ते के भीतर उसका जवाब देने को कहा गया है। इन कंपनियों को यह नोटिस कॉल ड्रॉप के संबंध में नई सेवा गुणवत्ता मानदंडों को पूरा न कर पाने के कारण भेजा गया है। यह बात टेलिकॉम नियामक ट्राई ने कही है।
किन-किन टेलिकॉम कंपनियों को इस संबंध में नोटिस भेजा गया है बताने से इनकार करते हुए टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के चेयरमैन आर एस शर्मा ने कहा कि नियामक कतई नहीं चाहता है कि कंपनियों का नाम और उनकी साख खराब हो। उन्होंने कहा कि कारण बताओ नोटिस सिर्फ संबंधित कंपनियों को ही भेजे गए हैं, जिन्होंने विशेष क्षेत्रों में उन सेवा मानदंडों को पूरा नहीं किया है जैसा कि ट्राई की ओर से निर्धारित किया गया था।
यह आकलन 1 अक्टूबर, 2017 से प्रभावी नए और अधिक कड़े कॉल ड्रॉप मानदंडों के लिए बेंचमार्क बन गया है। नए नियमों के तहत टेलिकॉम कंपनियों पर कॉल ड्रॉप के लिए अधिकतम जुर्माना 10 लाख का ही लगाया जा सकता है, इसे दूरसंचार स्तर के बजाए मोबाइल टॉवर स्तर पर मापा जाएगा। शर्मा ने कहा, “हां, मैं आपको सुनिश्चित कर सकता हूं कि हमने विशिष्ट सर्किलों के लिए पहले से ही उन ऑपरेटरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं जहां वो सेवा मानदंड की संशोधित गुणवत्ता को पूरा नहीं कर रहे हैं।”

 

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें