नई दिल्ली - भारतीय रिजर्व बैंक ने नो युअर कस्टमर यानी केवाईसी और परिचालन संबंधी दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए एयरटेल पेमेंट बैंक पर पांच करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। बैंकों के दस्तावेजों की जांच करने के बाद रिजर्व बैंक ने जुर्माना लगाया है। जांच में पता चला कि ग्राहक से स्पष्ट सहमति लिये बगैर ही उनके बैंक खाते खोल दिये गए।
आरबीआइ ने एक बयान में कहा कि उसने सात मार्च को एयरटेल पेमेंट बैंक लिमिटेड पर पांच करोड़ रुपये जुर्माना लगाने का फैसला किया क्योंकि परिचालन और केवाईसी संबंधी दिशानिर्देशों का उल्लंघन मिला। ग्राहकों की सहमति के बिना एयरटेल बैंक में खाता खोले जाने की शिकायतों और यह मामला चर्चाओं में आने के बाद रिजर्व बैंक ने 20-22 नवंबर 2017 को बैंका का निरीक्षण किया था।
रिजर्व बैंक की जांच रिपोर्ट के अनुसार 23 लाख से ज्यादा ग्राहकों के एयरटेल पेमेंट बैंक के खातों में 47 करोड़ रुपये जमा हुए। जबकि उन्हें जानकारी नहीं थी कि उनका बैंक खाता खोल दिया गया है। निरीक्षण दौरे की रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों से यह स्पष्ट हो गया कि बैंक ने परिचालन और केवाईसी संबंधी निर्देशों का उल्लंघन किया। इसके बाद आरबीआइ ने बैंक को 15 जनवरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। बैंक के जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई में दिये गये तर्को को सुनने के बाद आरबीआइ ने माना कि उस पर लगे आरोप सही हैं। इसलिए उस पर जुर्माना लगाने का फैसला किया गया। रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि नियामकीय अनुपालन में गड़बड़ी के लिए जुर्माना लगाया गया है। लेकिन उसके लेनदेन और बैंक के ग्राहकों के समझौते की वैधता पर इसका कोई असर नहीं होगा।
जांच और बैंक के जवाब पर विचार करके जुर्माने का फैसला:
पिछले साल एयरटेल के मोबाइल उपभोक्ताओं की ओर से शिकायतें आने लगीं कि उनकी जानकारी के बगैर बैंक खाते खोल दिये गये और एलपीजी सब्सिडी वगैरह उनके मूल खाते में जमा होने के बजाय इस बैंक के खाते में जमा होने लगी। सब्सिडी मूल खाते में न जाने और नए खाते में जमा होने की शिकायतों ने तूल पकड़ा तो आरबीआइ के अलावा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने भी जांच शुरू कर दी। आधार से मोबाइल नंबर के पुनर्सत्यापन के समय ही बैंक खाते खोले गए। इस तरह यूआइडीएआइ के आधार संबंध नियमों का भी उल्लंघन होने के आरोप लगे।

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें