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-ओम प्रकाश उनियालभारत नक्सलवाद, माओवाद, अलगाववाद और आतंकवाद से निरंतर जूझ रहा है। हमारे सैनिक व सुरक्षाकर्मी अकारण इनके हमलों का शिकार हो रहे हैं। आखिर कैसे और क्यों बन रहे हैं ये इतने शक्तिशाली। इनकी लड़ाई में हमारे कितने जवान शहीद हो चुके हैं। जिनका बदला हम पूूरी तरह नहीं ले पा रहे हैं। इससे सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों का मनोबल गिरता जा रहा है। देश के भीतर की गुप्त…
-संजय सिंह राजपूतहम सभी जानते हैं गोवा में कांग्रेस एक बड़ी पार्टी के रूप में २०१७ के चुनाव में जीत दर्ज की। लेकिन सरकार नहीं बना पाई। प्रथम दृष्टया सरकार बनाने का हक कांग्रेस को ही था। लेकिन ये निमंत्रण का इंतजार करते रहे और उधर भारतीय जनता पार्टी ने बिना वक्त गंवाए सारी नैतिकता को ताक पर रख सरकार बनाने का दावा ही नहीं, बल्कि सरकार भी बनाया। अब…
-निर्मल रानी पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जेएम लिंगदोह ने अपनी सेवा निवृति से पूर्व राजनीति में प्रवेश होने की अटकलों से संबंधित पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि-मैं राजनीतिज्ञों को अपने पास बिठाना भी पसंद नहीं करता।’ उन्होंने भारतीय राजनेताओं की निम्नस्तरीय हरकतों तथा उनकी स्वार्थपूर्ण व विचार व सिद्धांतविहीन राजनीति से दु:खी होकर ऐसा उत्तर दिया था। निश्चित रूप से भारतीय राजनीति दिन-प्रतिदिन अपना स्वरूप कुछ…
-प्रभुनाथ शुक्ल (स्वतंत्र पत्रकार हैं) राजनीतिक रुप से अहम उत्तर प्रदेश के उपचुनाव ने एक नया संदेश दिया है। यह संदेश जहाँ विपक्ष के लिए संजीवनी है वहीँ भाजपा के लिए मंथन का विषय। यह विशेष रुप से भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के लिए शुभ नहीँ है। प्रदेश की सत्ता के दो खास चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ख़ुद अपनी सीट बचाने में नाकाम रहें हैं…
बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर देश में सियासी हलचल शुरू हो गई है। आंध्र प्रदेश ने विशेष राज्य का दर्जा देने की अपनी पुरानी मांग को मनवाने के लिए एनडीए सरकार से अपने सम्बन्ध विच्छेद करने का फैसला किया है। बिहार ने भी विशेष राज्य की मांग उठाकर एनडीए का सिरदर्द बढ़ा दिया है। झारखण्ड पहले से ही आंदोलनरत…
-तनवीर जाफ़री भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार का सबसे महत्वपूर्ण वाक्य जो गत् एक दशक से सबसे अधिक प्रचारित किया जा रहा है वह है 'गुजरात का विकास मॉडल" या 'पूरे देश को गुजरात बना देना" जैसा प्रचार। प्रायोजित प्रचार माध्यमों द्वारा कहने को तो यही कहा जाता है कि गुजरात की बात करने का अर्थ है 'गुजरात जैसे विकास मॉडल को पूरे देश में लागू करने का प्रयास'…
बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) भारत में 15 मार्च राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। सरकार के स्तर पर विज्ञापन और नेताओं के वक्तव्य के माध्यम से दिवस के आयोजन की खानापूर्ति की जाती है। जिला स्तर पर गोष्ठियों के माध्यम से उपभोक्ता दिवस मानाने की खबरे समाचार पत्रों में पढ़ने को मिल जाती है। इससे दिवस मनाने की कागजी कार्यवाही जरूर पूरी होती है…
-डा. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा भले ही हम 8 मार्च को अंतरराष्ट्र्य महिला दिवस मनाते हो पर महिलाओं के प्रति मानसिकता में अभी कोई आशा जनक बदलाव नहीं आया है। शिक्षित और आधुनिक होने की हामी भरने के बावजूद महिलाओं की प्रताड़ना को लेकर होने वाले अपराधों में कमी होती नहीं दिख रही है। विकसित देश होने का दावा करने वाले फ्रांस से फरवरी 18 में ही जारी एक रिपोर्ट सभ्य…

भगवा वर्चस्व

जावेद अनीस पूर्वोत्तर भारत के तीनों राज्यों , मेघालय और नागालैण्ड के विधानसभा चुनाव में जीत के साथ ही भाजपा को उत्तरी-पूर्वी राज्यों में निर्णायक बढ़त हासिल हो गयी है. पिछले कुछ सालों के दौरान भाजपा ने एक के बाद राज्यों को जीतकर या गठबंधन में भागीदारी करके भारतीय राजनीति में वो मुकाम हासिल कर लिया है जो कभी कांग्रेस का हुआ करता था. लेकिन इन सब में भगवा खेमे…
-बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) व्यंग्य विषंगति, झूठ और पाखंड का भड़ाफोड़ कर सत्य का साक्षात् कराता है। व्यंग्य फब्तियां कसती हैं जो हंसाती,गुदगुदाती और तिलमिलाती हैं। सियासत में अब व्यंग्य की भाषा भी कुंठित होने लगी है। व्यंग्य उपहास, मजाक और ताने का मिलाजुला स्वरुप है। राजनीति ने साहित्य की इस विधा को इस तरह निचोड़ा है कि व्यंग्य भी नेताओं के आगे शर्माने लगा है। राजनीति…
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हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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