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-अभिषेक राज शर्मा शोक की लहर दौड़ कर थक गई,अरे भाई कोई पंचतत्व में विलीन नही हुआवो निठल्ला देशी जो कभी कविता के नाम पर उत्पात मचा कर रख था, आज प्रेस कांफ्रेंस करके कविता के दुनिया सें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का ऐलान जैसे किया सब मिडिया वाले सवाल दागकर भाव बढ़ा दिया । देशी कवि में प्रतिभा की कमी नही थी, प्रतिभा रूई की तरह ठूंस के भरी थी, जो…
- ओम प्रकाश उनियाल बजट सत्र का पहला दिन और भाजपा सरकार को झेलना पड़ा जबरदस्त विरोध। भराड़ीसैण(गैरसैण) में उत्तराखंड की राजधानी का मुद्दा सदन से सड़क तक आ पहुंचा। सदन में विपक्ष ने और सड़क पर आन्दोलनकारियों ने जमकर हंगामा किया। आंदोलनकारी स्थायी राजधानी की घोषणा की मांग कर रहे थे। राजधानी का मुद्दा राज्य बनने के बाद से ही काफी गरमाया हुआ है। उत्तराखंड राज्य के साथ ही…
-अपूर्व बाजपेयी (युवा स्तम्भकार)2 अक्टूबर 2014 को जब देश के प्रधानमंत्री ने देशवासियों को स्वच्छता एवंसाफ़ सफाई हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से नई दिल्ली के एक छोटे सेमोहल्ले में झाड़ू लगाकर इस बड़े मिशन को शुरू किया तो सरकार को लगा किजनता के बीच प्रधानमंत्री का झाड़ू लगाना एक अच्छा संदेशा लेकर जायेगा औरलोग भी इसे गंभीरता से लेंगे, हालाँकि इसका कुछ असर देखने को भी मिलापरन्तु उतना नही…
-प्रभुनाथ शुक्ल (स्वतंत्र पत्रकार हैं) सर्वोच्च अदालत की तरफ़ से अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम पर एक फैसला आया है। लेकिन फैसले पर राजनीति शुरु हो गई है। आखिर क्यों ? फैसले में बुराई क्या है । लेकिन कथित दलित हिमायती और राजनेताओं को अपच होने लगी है। उन्हें ऊना तो दिखता है लेकिन भीमा कोरेगाँव नहीँ। दलितों और आदिवासियों को समाज की अगड़ी और समर्थ जातियों के प्रकोप से…
-ओम प्रकाश उनियालआज के दौर में बच्चे इतने संवेदनशील हो चुके हैं कि छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव व अवसाद का शिकार हो जाते हैं। यहां तक कि आत्महत्या करने जैसा कदम उठा रहे हैं। क्या कारण हैं जो बच्चे इस प्रकार के कदम उठाते हैं। अक्सर ज्यादातर मां-बाप आधुनिकता का लबादा ओढ़े हुए हैं। बच्चा पैदा हुआ नहीं कि उसका भविष्य बनाने पर तुल जाते हैं। अढाई-तीन की आयु…
बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) जनादेश के पैमाने पर बुरी तरह पिट चुके भारत के साम्यवादी आज सबसे बुरी स्थिति में है। कभी संसद में 60 का आंकड़ा पार करने वाले कम्युनिस्ट आज दहाई भी पार नहीं कर पाए है । वाम मोर्चे के गठजोड़ में मार्क्सवादियों के 8 और सीपीआई का मात्र एक सदस्य लोकसभा में है। एक टीवी बहस में अतुल अनजान गरज रहे थे। बीजेपी…
-डॉ प्रदीप उपाध्याय उनकी बहुत ही थू थू हो रही है।अपने भी कर रहे हैं और पराये भी कर रहे हैं।परायों को तो थू थू करने का बहाना चाहिए और यह उनका अधिकार भी बनता है लेकिन जब अपने ही कहें कि वे थूक कर चाटने वाले हैं और इसलिए उनपर थूकना भी पसन्द नहीं करेंगे तब दूसरों का तो कहना ही क्या!किन्तु क्या यह सब उचित है, इस तरह…
-प्रभुनाथ शुक्ल (स्वतंत्र पत्रकार हैं) गौरैया हमारी प्राकृतिक सहचरी है। कभी वह नीम के पेड़ के नीचे फूदकती और बिखेरे गए चावल या अनाज के दाने को चुगती। कभी प्यारी गौरैया घर की दीवार पर लगे आइने पर अपनी हमशक्ल पर चोंच मारती दिख जाती है। लेकिन बदलते वक्त के साथ आज गौरैया का बयां बेहद कम दिखाई नहीं देता है । एक वक्त था जब बबूल के पेड़ पर…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) लोकतंत्र में कार्यपालिका की शक्तियों पर नियंत्रण रखने की व्यवस्था का एक मुख्य हिस्सा होता है,विधायिका द्वारा वित्तीय प्रक्रियाओं पर नजर रखना।लेकिन ऐसा लग रहा है कि अब हमारे यहाँ लोकतंत्र की इस प्रक्रिया की अनदेखी की जा रही है।संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का दूसरा हफ्ता भी पूरी तरह से बाधित रहा।हालांकि लोकसभा में चल रहे भारी हंगामे और शोर -शराबे…
-तनवीर जाफ़रीकिसानों,खेतीहर मज़दूरों तथा आदिवासियों द्वारा पिछले दिनों नासिक से शुरु हुआ पैदल किसान मार्च लगभग 180 किलोमीटर की यात्रा तय कर 12 मार्च को मुंबई पहुंचा। सूत्रों के अनुसार इस मार्च में लगभग 60 हज़ार आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर मुंबई स्थित विधानसभा भवन का घेराव करने के इरादे से मुंबई पहुंचे थे। परंतु उनके विधानसभा घेरने से पहले ही राज्य सरकार द्वारा किसानों की 90 प्रतिशत मांगें बिना…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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