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-विनोद कुमार विक्की (स्वतंत्र लेखक सह व्यंग्यकार) बात जब शादी-ब्याह के माहौल की हो तो कुछ दृश्य नजरों के सामने चलचित्र की तरह स्वतः घूमने लगती है।मसलन 'बिना वजह गुस्से से गुब्बारे की तरह मुंह फूलाए बहनोई या फूफा का चेहरा', 'सालभर घर की चहारदीवारी में घूंघट काढ कर रहने वाली शर्मिली महिलाओं का बीच सड़क डीजे की थाप पर सपना चौधरी बनकर बिंदास नाचना' ,'नागिन डांस पर जमीन पर…

कोहबर वाली

-अभिषेक राज शर्मा आजकल बड़े दुखद समाचार सुनने को मिल रहा है,सबसे ज्यादा दुख तब हुआ जब एकाएक पता चला कि भोजपुरी सिनेमा की उगते सितारा अभिनेत्री मनीषा राय का सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।उनके प्रशंसक को एक बार विश्वास ही नही हुआमैं खुद सुनकर एकाएक मौन हो गयाछोटी सी उम्र में जाना कितना अघात लगता है ।कुछ दिन पहले एक मित्र ने बताया कि अपने पूर्वांचल की एक…
-डॉ प्रदीप उपाध्यायकर्नाटक प्रसंग ने भारतीय लोकतंत्र पर एक बार फिर सवालिया निशान ला खड़ा किया है।लोकतंत्र कमजोर हुआ है और उपहास का केन्द्र बना है।व्यवस्थागत दोष तथा विकृतियाँ उभर कर सामने आती जा रही हैं।कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के बाद जहाँ एक तरफ भाजपा ने बहुमत न होते हुए भी सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया और येद्दियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ग्रहण कर ली तथा…
-तनवीर जाफ़रीभारतवर्ष के सत्तालोभी चतुर राजनीतिज्ञों द्वारा भारतीय समाज को हिंदू-मुस्लिम व मंदिर-मस्जिद के नाम पर विभाजित कर सत्ता शक्ति प्राप्त की जा रही है। देश में कई जगह से इस प्रकार के विवादों की ख़बर आती रहती है। पिछले दिनों तो कुछ मनचले तथाकथित स्वयंभू हिंदुत्ववादी नवयुवकों द्वारा कुछ ऐसी हरकतें की गईं जिससे भारतवर्ष के धर्मनिरपेक्ष स्वभाव तथा हमारे देश के संविधान की मूल भावना को काफ़ी गहरा…
मुंबई (हम हिंदुस्तानी)-युवा अभिनेत्री अमायरा दस्तूर दक्षिण फिल्म उद्योग में अपना प्रभाव दिखाने के बाद इस वर्ष कई प्रोजेक्ट्स में शामिल होने की घोषणा के साथ बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए तैयार हैं। अमायरा को इस वर्ष की शुरुआत में कालाकाण्डी में सैफ अली खान के साथ अपने प्रदर्शन के लिए कई शानदार समीक्षाएं प्राप्त हुईं और अब वे वर्ष 2018 में कई रोचक फिल्मों के लाइन-अप के…
-प्रभुनाथ शुक्ल (स्वतंत्र पत्रकार हैं) कर्नाटक से निकला संदेश पूरी राजनीति को बदबूदार बना दिया है। राज्यपाल के विवेक का विवेक के विशेषाधिकार भी मजाक बन गया। सियासत और सत्ता के इस जय पराजय के खेल में कौन जीता और कौन पराजित हुआ यह सवाल तो अंतिम सीढ़ी का है। यह राजनीतिक दलों और उनके अधिनायकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की तंदुरुस्ती के लिए कभी…
मैच फिक्सिंग पर आशिम खेत्रपाल की फिल्म 'ॐ अल्लाह" मुंबई (हम हिंदुस्तानी)-हॉलीवुड की तरह, बॉलीवुड उपन्यासों और नान-फिक्शन आधारित फिल्मों के निर्माण के लिए जाना जाता है। लेकिन कभी-कभी ये फिल्में इतनी लोकप्रिय हो जाती हैं कि वे जिन उपन्यासों और नान-फिक्शन पर बनी होती हैं, उनसे भी अधिक लोकप्रिय हो जाती हैं।इस पृष्ठभूमि में जीवन के उतार-चढ़ाव के लंबे दौर से गुजरने के बाद अभिनेता-फिल्म निर्माता आशिम खेत्रपाल हॉलीवुड…
-दीपक गिरकर (स्वतंत्र टिप्पणीकार)हमारे देश में विशेषकर दक्षिण भारत में रिज़ॉर्ट राजनीति की पुरानी परंपरा हैं. दक्षिण भारत में कर्नाटक रिज़ॉर्ट राजनीति का हब हैं. बेंगलुरू शहर सिर्फ़ आईटी के लिए प्रसिद्ध नहीं है बल्कि रिज़ॉर्ट राजनीति के लिए भी काफ़ी प्रसिद्ध हैं. इस शहर में पिछले 34 साल से रिज़ॉर्ट राजनीति होती आयी हैं. जोड़-तोड़ की राजनीति में रिज़ॉर्ट राजनीति का बहुत अधिक महत्व हैं. रिज़ॉर्ट राजनीति हार्स ट्रेडिंग…
-ओम प्रकाश उनियाल लेह-लद्दाख खुले आसमान को छूती, प्रकृति के नजारों और अध्यात्म की भूमि है। जो कि देशी-विदेशी पर्यटकों को बरबस लुभाती रहती है। शांत और स्वच्छंद वातावरण, शुद्ध पवन के झोकों की सरसराहट, नदियों के धवल पानी पर नीले आकाश का प्रतिबिंब, बर्फ से ढकी ऊंची चोटियां और कहीं हल्के भूरे, हरे और काले पहाड़, जैसे कैनवास पर उकेरी गयी तस्वीरें। जगह-जगह चट्टानी पहाड़ों की कंदराओं पर स्थापित…
-दीपक गिरकर (स्वतंत्र टिप्पणीकार)चित्रगुप्त के सामने आत्माओं की लंबी लाइन लग चुकी थी. धर्मराजजी अपने सिंहासन पर विराजमान थे. चित्रगुप्त अपनी फाइलों को निकालकर देखने में व्यस्त हो गये. धर्मराजजी सोच में पड़ गये. चित्रगुप्त के माथे पर चिंता की परछाईयाँ नाच रही थी. शायद उन्हें किसी बात की चिंता थी, जो उन्हें भीतर ही भीतर खाए जा रही थी. उनके चेहरे का तेज लुप्त होता जा रहा था. धर्मराजजी…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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