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-निर्मल रानीहम भारतवासियों को हमारे पूर्वजों तथा देश में उपलब्ध शिक्षण सामग्री व साहित्य द्वारा यही बताया जाता रहा है कि भारतवर्ष ने पूरे विश्व में अध्यात्म,सुसंस्कार,मानवता तथा तमीज़ व तहज़ीब का पाठ पढ़ाया। यह भी बताया जाता है कि दुनिया हमारे देश को विश्वगुरू भी स्वीकार करती थी। ज़ाहिर है यदि हमारा देश कभी वैश्विक स्तर पर अध्यात्म व सुसंस्कार की पताका लहरा ाी रहा होगा तो इसके पीछे…
प्रभुनाथ शुक्ल (स्वतंत्र पत्रकार हैं) राजनीतिक लिहाज से अहम गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों की तस्वीर साफ हो चली है । परिणाम बहुत अप्रत्याशित नहीँ हैं । हिमाचल पर यह बात पहले से साफ रही कि वहाँ भाजपा की सरकार बनेगी और काँग्रेस को सत्ता विरोध का सामना करना पड़ सकता है । गुजरात में भी बहुत उलट फेर की बात नहीँ दिखी रही थी । यह बात…
-डॉ नीलम महेंद्र(Best editorial writing award winner) "अपना दर्द तो एक पशु भी महसूस कर लेता है लेकिन जब आँख किसी और के दर्द में भी नम होती हो, तो यह मानवता की पहचान बन जाती है।“मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने का दिल्ली सरकार का फैसला और फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का हरियाणा सरकार का निर्णय, देश में प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी रोकने के लिए इस…
-मलिक असगर हाशमी* भाजपा को जीत मिली और कांग्रेस को पराजय। यह चुनाव परिणाम चौकाते नहीं। एक तरह से यह तय था। लोगों की दिलचस्पी केवल यह जानने में थी कि जीत-हार का अंतर क्या होने वाला है। भाजपा अभी इतनी बदतर स्थिति में नहीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के रहते गुजरात में इसका सफाया हो जाए। यहां पार्टी के पराजय का अर्थ है, मोदी और शाह…
"चिड़ियाँ नाल मैं बाज लड़ावाँगिदरां नुं मैं शेर बनावाँसवा लाख से एक लड़ावाँताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ"सिखों के दसवें गुरु श्री गोविंद सिंह द्वारा 17 वीं शताब्दी में कहे गए ये शब्द आज भी सुनने या पढ़ने वाले की आत्मा को चीरते हुए उसके शरीर में एक अद्भुत शक्ति का संचार करते हैं।ये केवल शब्द नहीं हैं,शक्ति का पुंज है, एक आग है अन्याय के विरुद्ध,अत्याचार के विरुद्ध,भय के विरुद्ध,शक्ति…
-बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए है। इन आंकड़ों की भयावहता ने सरकारों के सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल कर रखदी है। राष्ट्रीय महिला आयोग के नए आंकड़ों के मुताबिक 2017 में देश में रोजाना दो महिलाओं का कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न हुआ है। यह आंकड़ा ठीक तब सामने आया है जब…
- देवेंद्रराज सुथार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश की न्याय व्यवस्था के लिए सुझाव दिया है कि न्यायालय को अपने निर्णय स्थानीय एवं हिंदी भाषा में देने चाहिए। इस दिशा में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कदम भी बढ़ा दिए है, जो सराहनीय है। अब अन्य न्यायालयों की बारी है। गौरतलब है कि देश में आज भी 95 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो अंग्रेजी बोलने और समझने में पूरी तरह से…
-अमरीश सरकानगो(सामाजिक मामलों के जानकार) मध्यप्रदेश में बच्चों से दुष्कर्म के मामलों में मौत की सजा के प्रावधान के आने के बाद अब इस तरह की घटनाएं कम होने की उम्मीद जगी है. देश में अभी भी महिलाओं-बच्चियों के साथ लगातार घटित हो रही दुष्कर्म और दूसरे अपराधों की घटनाओं ने उनके लिए समाज में मौजूद असुरक्षित वातावरण, अपराध और उस पर समाज और कानून-व्यवस्था के जिम्मेदारों के उदासीन रुख…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) गुजरात के चुनाव परिणामों ने जहां भारतीय जनता पार्टी के कान खड़े कर दिए हैं, वहीं बर्फीले प्रदेश हिमाचल में कांग्रेस को बहुत बड़ा सबक दिया है। इन दोनों चुनावों के परिणामों के नेपथ्य से कुल मिलाकर यह संदेश तो प्रवाहित हो रहा है कि कांग्रेस धीरे-धीरे ही सही, परंतु सत्ता मुक्त पार्टी की ओर कदम बढ़ा रही है। वर्तमान में कांग्रेस के पास…
-डॉ प्रदीप उपाध्याय अभी तक तो हम सभी यह मानते आये हैं कि जो लोग डरपोक होते हैं, कमजोर दिल वाले होते हैं या फिर कहें कि भीरू प्रकृति के होते हैं; वे ही आत्महत्या करने जैसे कदम उठाते हैं लेकिन हम लोगों की यह गलतफहमी देश के ह्रदय स्थल माने जाने वाले प्रदेश के मंत्रीजी ने दूर कर दी।अब जब उनके जैसे माननीय व्यक्ति ने यह बात कही है…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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