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-बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अनुशासन आवश्यक है। यदि अनुशासन का पालन नहीं किया जाए तो जीवन उच्छृंखल बन जाएगा। हमारे देश की आज यही हालत है। ऐसा लगता है जैसे अनुशासन को हमने अपने शब्दकोष से ही निकाल दिया है। यही कारण है कि हर क्षेत्र में अनुशासनहीनता का बोलबाला बढ़ गया है। विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका को लोकतंत्र के तीन प्रमुख स्तंभ…
-बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार)देश की राजधानी दिल्ली के मंडावली इलाके में भूख से 3 बच्चियों की मौत पर सियासत शुरू हो गई है। इस बीच दिल्ली सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। दिल्ली सरकार का कहना है यह परिवार दो दिन पहले ही मंडावली में एक मकान में रह रहे किराएदार के यहां मेहमान बनकर आया था। घटना के पहले से ही बच्चियों के मजदूर…
-जावेद अनीस पिछले करीब दो सालों से मप्र में आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाले पूरक पोषण आहार सप्लाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. जिसकी वजह से पोषण आहार वितरण व्यवस्था प्रभावित रही है. मध्यप्रदेश में इसके करीब 95 लाख हितग्राही हैं जिसमें बच्चे, किशोरियां और गर्भवती महिलायें शामिल हैं. इस दौरान प्रदेश के कई जिलों में टेक होम राशन का स्टॉक खत्म होने, महीनों तक आंगनबाड़ियों में…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार) फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में 18 साल की हिमा दास ने इतिहास रचते हुए आईएएएफ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ स्पर्धा में पहला स्थान प्राप्त किया। हिमा विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की ट्रैक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। असम के नौगांव जिले की रहने वाली हिमा दास की इस अंतरराष्ट्रीय कामयाबी के बाद फिनलैंड से लेकर पूरे…
-अब्दुल रशीद साल 1980 से मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले छिंदवाड़ा से लगातार सांसद रहे कमलनाथ को जब मध्यप्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपा गया तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें दोस्त कहा, तो पलट कर कमलनाथ ने शिवराज सिंह को नालायक दोस्त कह दिया,उस वक्त इस बात से शिवराज सिंह इतने घबरा गए कि वे भोपाल के नजदीक सीहोर की आमसभा में भीड़ से पूछते नजर आए कि…
-निर्मल रानी धर्म की जीत हो-अधर्म का नाश हो, धर्मस्थानों से इस प्रकार की प्रेरणादायक व आदर्शवादी आवाज़ें कुछ ज़्यादा सुनाई देती हैं। यह उद्घोष हमारे देश के मंदिरों में प्रात: व सायंकाल की आरती के बाद ज़रूर सुना जाता है। प्रतिदिन करोड़ों लोग इस उद्घोष में शामिल होते हैं। तो क्या वास्तव में ऐसे उद्घोष से हमारे देश या समाज को कुछ हासिल भी हो पाया है या फिर…
-अपूर्व बाजपेयी (युवा स्तम्भकार) हमारा देश भारत भीड़तंत्र के द्वारा किये गये कारनामो को पहले भी कई बार देख चुका है जिनके कारण भारत की पूरी दुनिया में किरकिरी हुई है. चाहे वह 84 के दंगे रहे हो या फिर दादरी, अलवर जैसे नये मुद्दे. सालो से शांत इस भीड़तंत्र का पिछले डेढ़ दो सालो से ज्यादा उत्तेजित होकर उत्पात इस स्तर तक मचाना कि उसमे किसी व्यक्ति की जान…
-अजय जैन ‘विकल्पकांग्रेस दल के राष्ट्रीय मुखिया राहुल गांधी ने जिस तरह संसद में प्रधानमंत्री पर पहले आरोपों का बयानी हमला किया,फिर खड़े होने को बाध्य किया और बाद में गले लगने के नाम पर जो अपरिपक्वता दिखाई है,वह आज भी यह साबित करती है कि 48 वसंत पार कर चुके इस चिराग में अभी भी सकारात्मकता की लौ नहीं आई है। देश के प्रधानमंत्री के प्रति उनकी देह भाषा…
-आकांक्षा सक्सेना (ब्लॉगर) ''लोग अंतिम समय में ईश्वर को याद करते हैं मुझे भी याद दिलाई जाती है। पर मुझे अभी तक ईश्वर को कष्ट देने की आवश्यकता महसूस नहीं हुई।"- मुँशी प्रेमचन्द मुंशी प्रेमचंद साहित्य के वह सूर्य हैं जो अपनी रचना रश्मियों से सभी नवोदित साहित्यकारों का सही मार्गदर्शन करते रहे हैं। वह महान कहानीकार , उपन्यासकार रहे। मुंशी-प्रेमचंद हिन्दी साहित्य के सबसे लोकप्रिय लेखकों में से एक…
-सुरेन्द्र कुमार, हिमाचल प्रदेशआखिरकार पाकिस्तान क्रिकेट टीम के भूतपूर्व कप्तान इमरान खान सियासत के मैदान में राजनीतिक चौका लगाने में सफल हो ही गए। पाकिस्तान में बीते वीरवार को घोषित चुनाव नतीजों में उनकी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ को सबसे अधिक सीटें जीतने में कामयाबी हासिल हुई। हालाँकि उन्हें चुनाव नतीजों में स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। लेकिन निर्दलीय उम्मीदवारों से सहयोग लेकर वे सरकार बनाने में सफल हो जाएंगे। इस प्रकार एक…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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