articles

-तनवीर जाफ़री हमारे देश का अन्नदाता किसान इन दिनों राष्ट्रीय स्तर की एक अनोखी हड़ताल पर है। पूरे देश में किसानों ने सब्ज़ी,दूध व फल आदि की शहरी आपूर्ति ठप्प कर दी है। दूध व सब्जि़यां सडक़ों पर फेंके जा रहे हैं। इस हड़ताल से जहां किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है वहीं दैनिक उपयोग की इन सामग्रियों के अभाव के चलते आम जनता भी…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच परमाणु युद्ध के अप्रत्याशित तनाव के बाद 12 जून को सिंगापुर में मुलाकात होने वाली है।दोनों देशों के बीच जिस तरह बेहद तनाव पूर्ण संबंध रहे हैं,वैसे में इस शिखर सम्मेलन पर संपूर्ण दुनिया की नजर स्वाभाविक ही है।24 मई को जिस तरह ट्रंप ने इस मुलाकात को अचानक रद्द…
-उपासना बेहार “डाली छेड़ूँ न पत्ता छेड़ूँ, न कोई जीव सताऊँ,पात-पात में प्रभु बसत है, वाही को सीस नवाऊ.” यह दोहा 15 वी सदी के संत कबीर ने कहे थे, वो उस समय लोगों को पर्यावरण को ना छेड़ने की बात कर रहे थे. इसी तरह महात्मा गाँधी ने पर्यावरण की असीम क्षमता के बारे में कहा था कि “पृथ्वी हर मनुष्य की जरुरत को पूरा करता है, लेकिन हर…
-ओम प्रकाश उनियाल(स्वतंत्र पत्रकार) पत्रकार समाज का आईना होते हैं। उनकी लेखनी में इतना दम होता है कि किसी भी सरकार की चूलें हिला सकते हैं। लेकिन पत्रकारों में ही आपसी एका न होने के कारण सरकार और समाज इसका फायदा उठा रहा है। बात एक राज्य की नहीं सभी राज्यों में न जाने कितने पत्रकार संगठन खड़े हैं। यदि एक संगठन पत्रकारों की आवाज उठाता है तो दूसरा उसके…
-रमेश ठाकुरनिपाह वायरस की दहशत इस वक्त पूरे देश में फैली हुई है। पिछले कुछ दिनों से निपाह नाम की एक नई उभरती हुई बीमारी ने पूरे स्वास्थ्यतंत्र को सकते में डाल दिया है। कहना गलता नहीं होगा कि निपाह के खतरनाक वायरस की दस्तक से पूरा भारत हलकान हो गया है। फिलहाल यह बीमारी हमारी पूरी चिकित्सा व्यवस्था के लिए इस समय चुनौती बनी हुई है। कहा जाता है…
-डा. आशा चैधरी हमारा देश वो देश है जहां बच्चों को भगवान की देन माना जाता रहा है। सच् तो है, जिनके बच्चे नहीं हैं उनसे पूछे कोई बच्चों की अहमियत। आज न जाने कौन-कौन सी तकनीकें विकसित हो चुकी हैं जिनसे बच्चों की किलकारी घर में गूंज सके। लेकिन एक वो वर्ग भी है जिसे इन सबकी कतई आवश्यकता नहीं। ये वर्ग है दैनिक मजदूरी आदि करने वालों का…
-डा. आशा चैधरी बेटी बचाओ अभियान हमारे देश में कुछ समय से बड़े जोर-शोर से चलाया जा रहा है। उधर, दुख की बात है कि बेटियों पर होने वाले बलात्कार जैसे अपराध हैं कि रूकने का नाम नहीं ले रहे। आऐ दिन अनेक खबरें बेटियों के साथ दरिंदगी की ही होती हैं। चाहे पढ़े-लिखे हो कि बेपढ़े, शहर हो कि गांव, बेटियों के साथ होने वाले इस अपराध में सब…
-प्रभुनाथ शुक्ल (स्वतंत्र पत्रकार हैं) दक्षिणी राज्य केरल में एक और दिमागी बुखार यानी निपाह ने दस्तक दी है। निपाह के बढ़ने संक्रमण से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। विश्वस्वास्थ संगठन की तरफ से चेताया गया है कि भारत और आस्टेलिया में इस वायरस के फैलने की अधिक संभावनाएं हैं। केरल का कोझिकोड जिला पूरी तरह से प्रभावित है। यहां संक्रमित 12 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें…

शऱारत (कहानी)

-जालाराम चौधरीसवेरे से ही दादा जी पूजा-पाठ में व्यस्त थे। रोजाना की तरह ताऊजी ने आकर.....मुझे उठने के लिए आवाज दी। फिर नित्य की क्रिया से निवृत्त होकर ताऊ जी के साथ स्टेडियम की ओर चल पड़े। ताऊजी का शरीर लचीला एवं सुड़ौल था ऐसे में वे गौरव का अनुभव करते थे। घर आते ही माँ ने गुड़ का हलवा बनाया जो ताऊ जी के लिए पसंदीदा पकवान था। ताऊजी…
-ओम प्रकाश उनियाल(स्वतंत्र पत्रकार) 26 मई को मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर एनडीए ने जहां अपनी उपलब्धियां गिना कर जश्न मनाया तो कांग्रेस ने विरोध में 'विश्वासघात दिवस'। प्रधानमंत्री ने इन चार सालों में योजनाओं की घोषणाएं तो बहुत की। लेकिन मूर्त रूप से संतोषजनक परिणाम आम जनता को देखने को नहीं मिले। आम जन के अनुसार जिस प्रकार से योजनाएं बनी वे पूरी तरह धरातल पर…
Page 4 of 44

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें