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-प्रभुनाथ शुक्ल (स्वतंत्र पत्रकार हैं) हिंदुस्तान से अंग्रेज़ विदा हो गए , लेकिन फूट डालो और राज करो का बीज़ जो उन्होंने बोया था। वह आज़ पूरे भारत में बिखर कर विशाल वटवृक्ष बन गया। जिसकी वजह से हमारा समाज जाति , धर्म , भाषा , नस्लवाद और दलित, अगडे, पिछड़े , हिंदुत्व और इस्लाम में विभाजित है । बाकि बची रिक्तता को राजनीति और नेताओं की गंदी सोच पूरा…
-​सुषमा मलिकमहिला प्रदेशाध्यक्ष CLA हरियाणा ​ "​मुझे गर्व है कि मैं बेटी हूं और मुझे सौभाग्य भी प्राप्त है कि मेरी दो बेटियां है। हम पढ़ लिखकर बहुत विद्वान मानने लगे हैं खुद को। चर्चा करके खुश होते है कि हमारे देश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। सम्मान प्राप्त कर रही है गोल्ड मैडल ला रही है। देश का नाम ऊंचा कर रही है लेकिन मैंने…
-अमरीश सरकानगो (व्यंग्यकार) इतनी बड़ी किराने की दुकान के मालिक होने के बाद भी सेठ किरोड़ीमल को कहीं चैन न था. पिताजी से विरासत में मिली दुकान और मक्कारी की कला के बल पर सेठ ने काफी तरक्की कर ली थी. मिलावट करना और कम तोलना दुकान में नौकरों को मूलभूत ट्रेनिंग में सिखाया जाता था. गरीबों को उधार के जाल में फांसकर जब सेठ के पास बहुत दौलत जमा…
-डॉ प्रदीप उपाध्याय कोप्पल में एक कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत हेगड़े ने कहा था की खुद को धर्मनिरपेक्ष कहने वाले लोग नहीं जानते कि उनका खून क्या है.हाँ,संविधान यह अधिकार देता है कि हम धर्मनिरपेक्ष हैं लेकिन संविधान में कई बार संशोधन किया गया .हम यहाँ संविधान बदलने के लिए आये हैं.हेगड़े के इस बयान की चौतरफा आलोचना हुई और कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने भी…
-तनवीर जाफ़री कर्नाट्क से भारतीय जनता पार्टी के सांसद तथा केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने हालांकि भारतीय संविधान संशोधन के संबंध में दिए गए अपने आपत्तिजनक बयान को वापस लेते हुए सदन में मा$फी मांग ली है। और इस प्रकार यह विवाद $िफलहाल थम गया है। परंतु इसका यह अर्थ $कतई नहीं निकाला जाना चाहिए कि दक्षिणपंथी हिंदुत्ववादी शक्तियों द्वारा भारतीय संविधान की मूल आत्मा अर्थात्…
-डा. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा वर्ष 2017 की विदाई और 2018 के प्रवेश के अवसर पर बधाई। 31 दिसम्बर की रात 12 बजे नए साल की हेप्पी न्यू ईयर के शब्द घोष के साथ नए साल का आगाज हो गया है। 2016 की नोटबंदी के साए में 2017 ने प्रवेश किया और फिर पहले उत्तर प्रदेश, पंजाब सहित पांच राज्यों और साल के जाते-जाते गुजरात-हिमाचल के चुनावों के बीच कड़बी मीठी…
-बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) भिक्षा, भीख और दान में अंतर समझना बहुत जरुरी है। आज भी बहुत से लोग इसे एक ही मानते है। हमारे देश में भिक्षा ,भीख और दान की परम्परा रही है। मगर इन तीनों में अंतर समझना जरुरी है। भीख भिखारी को सहायता के रूप में दी जाती है भीख का कोई उद्देश्य नही होता । भीख देने के लिए किसी की योग्यता-अयोग्यता…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार) देशी रियासतों के विलीनीकरण से पूर्व राजस्थान के शेखावाटी अंचल में स्थित खेतड़ी एक छोटी किन्तु सुविकसित रियासत थी, जहां के सभी राजा साहित्य एवं कला पारखी व संस्कृति के प्रति आस्थावान थे। वे शिक्षा के विकास व विभिन्न क्षेत्रों को प्रकाशमान करने की दिशा में सदैव सचेष्ट रहते थे। खेतड़ी सदैव से ही महान विभूतियों की कार्यस्थली के रूप में जानी जाती रही है।…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) मुंबई के पब में हुए एक खतरनाक हादसे में असमय ही 14 लोग काल के गाल में समा गए। इस दुर्घटना पर प्रशासनिक व्यवस्था पर कई प्रकार के सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पब संस्कृति को बढ़ावा देने वाले लोग इसकी व्यवस्थाओं के प्रति कोई भी ध्यान नहीं देते। वैसे पूरे वर्ष की स्थिति का अध्ययन किया जाए…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) पाकिस्तान में हाल के दिनों में मुंबई आतंकी हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद की बढ़ती गतिविधियों और फलस्तीन के राजदूत के साथ सभा करने को लेकर भारत की नाराजी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गंभीरता से लिया है। अमेरिका की ओर से उठाया गया यह कदम पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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