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(राष्ट्रीय जनसम्पर्क दिवस-21 अप्रेल पर विशेष) -मनमोहन हर्षमनुष्य की विकास यात्रा के प्रत्येक कालखंड में जनसम्पर्क विधा (पीआर-पब्लिक रिलेशंस) की महत्ती भूमिका रही है। वर्तमान दौर में ‘पीआर‘ दुनियां के सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण प्रोफेशंस में से एक है। विश्वभर में सर्वाधिक तनावपूर्ण (स्ट्रेसफुल) पेशों की चर्चा की जाए तो गत कई वर्षों में ‘जनसम्पर्क‘ का शुमार ऐसे शीर्ष 10 स्ट्रेसफुल प्रोफेशंस में होता रहा है। बात चाहे सार्वजनिक क्षेत्र की हो…
-निर्मल रानीहमारे देश में संवैधानिक तौर पर प्रधानमंत्री से लेकर किसी प्रदेश के मंत्री तक का पद उस व्यक्ति को दिया जाता है जो लोकसभा,राज्यसभा,विधानसभा अथवा विधान परिषद् का सदस्य हो। हालांकि नैतिकता का तकाज़ा तो यही है कि लोकसभा अथवा विधानसभा के चुनाव में निर्वाचित लोगों को ही मंत्री पद पर सुशोभित किया जाए। परंतु यह देखा जाने लगा है कि चुनाव में पराजित नेताओं को भी उनका ‘मेहरबान’…
-जावेद अनीस आर्थिक विकास के मोर्चे पर तेजी से उभरते भारत के लिये बढ़ती असमानता और बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौती है. देश में स्वरोजगार के मौके घट रहे हैं और नौकरियां लगातार कम हो रहीं हैं. श्रम ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि आज भारत दुनिया के सबसे ज्यादा बेरोजगारों का देश बन गया है, समावेशी विकास सूचकांक में हम बासठवें नंबर पर है और इस मामले में हम पाकिस्तान…
-डा. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, इसे कहते है सही मायने में घर का जोगी जोगना आन गांव का सिद्ध। जहां एक और देश में सस्ता ईलाज सुलभ कराने के लिए डाॅक्टरों को सस्ती दवा यानी की जेनेरिक दवाओं के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए कहते कहते सरकार लगभग थक गई हैं वहीं विदेशों में भारतीय जेनेरिक दवाओं की मांग इस कदर देखी जा सकती है कि भारत दुनिया के देशों…
बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) विरासत के स्थल किसी भी राष्ट्र की सभ्यता और उसकी प्राचीन संस्कृति के महत्त्वपूर्ण परिचायक माने जाते हैं। हमारे पूर्वजों और पुराने समय की यादों को संजोकर रखने वाली अनमोल वस्तुओं को ध्यान में रखकर ही यूनेस्को ने वर्ष 1983 से हर साल 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस मनाने की शुरुआत की थी। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है पूरे विश्व…
-ओम प्रकाश उनियाल(स्वतंत्र पत्रकार)कठुआ में एक मासूम का गैंगरेप कर हत्या, गुजरात के सूरत में लड़की से दुष्कर्म के बाद हत्या, गुजरात के ही राजकोट में नौ साल की मासूम से बलात्कार, उत्तराखंड के देहरादून के रायपुर क्षेत्र में एक बाप ने रेता सात साल की बेटी का गला, अलवर(राजस्थान) के नीमराणा में बेरहम पिता द्वारा नाबालिक लड़की की पिटाई से बचने के लिए लड़की ने लगाई मकान की दूसरी…
- देवेंद्रराज सुथार बलात्कार जैसी सामाजिक विकृति हमारे देश की बेटियों की अस्मिता को लीलते जा रही हैं। आज न बेटियां घर में महफूज हैं और न ही घर के बाहर अपने को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। नतीजतन बेटियों के जन्म पर पाबंदियों से लेकर उनके क्रियाकलाप बोलने, पहनने, किसी अजनबी से हंसकर बात करने तक पर पहरा लगाया जा रहा हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर एक…
-डॉ प्रदीप उपाध्यायजब भूखे पेट भजन नहीं हो सकता तब फिर खाली पेट उपवास कैसे हो सकता है।कहा भी गया है कि भूखे पेट भजन नहीं होवे गोपाला।अब लोग हैं कि छोले-भटूरे खाकर उपवास पर बैठने वालों के विरूद्ध हाथ-मुँह धोकर पीछे पड़ गये हैं।जो लोग उपवास पर बैठने वालों का उपहास कर रहे हैं, वे नादान हैं।वे नहीं जानते कि वे क्या कर रहे हैं और क्यों कर रहे…
- देवेन्द्रराज सुथार अब तो न दिन को चैन आता है और न ही रात को नींद आती है। इस आलम में कुछ नहीं भाता है और न ही कोई ख्याल आता है। जिया जलता है। जाँ जलती है। नैनों तले धुआँ चलता है। रुक जाइए ! यदि आप मुझे प्रेमी समझने की भूल कर रहे है तो ! ऐसा हाल केवल प्रेम के वियोग पक्ष में ही नहीं होता…
-तनवीर जाफ़रीभारतवर्ष केवल विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते ही नहीं जाना जाता बल्कि इसकी इससे भी बड़ी पहचान विभिन्नता में एकता की भी है। भारत जैसे विशाल देश में सदियों से विभिन्न धर्मों,जातियों तथा आस्था व विश्वास के मानने वाले लोग न केवल मिल-जुल कर रहते आ रहे हैं बल्कि एक-दूसरे के धार्मिक त्यौहारों,एक-दूसरे की परंपराओं,रीति-रिवाजों व दुःख-सुख के भी सहभागी रहे हैं। हमारा इतिहास हमें बताता…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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