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-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) उत्तरप्रदेश के देवरिया में अवैध रुप से चल रहे नारी एवं बालिका संरक्षण गृह के मामले में प्रदेश की योगी सरकार ने जिस प्रकार की चुस्ती दिखाई है, वह वास्तव में प्रशंसनीय ही कहा जाएगा। नारी एवं बालिका संरक्षण गृह के बारे में पिछले साल जून में योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इसे बंद कर दिया था, लेकिन बाद में शायद प्रशासनिक…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार) असम सरकार ने कड़ी सुरक्षा के बीच असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के दूसरे एवं अंतिम मसौदा को जारी कर दिया है, ताकि अवैध तौर पर वहां पर रह रहे लोगों का पता लगाया जा सके। हालांकि सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अभी लोगों को इसमें अपना नाम शामिल कराने के लिए पर्याप्त मौका दिया जाएगा और फिलहाल किसी को असम…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) वर्तमान में भारत के राजनीतिक दल अपने आपको प्रभावी दिखाने के लिए कुछ भी वक्तव्य दिए जा रहे हैं। मुद्दा भले ही विरोध करने लायक न हो, लेकिन विरोध के लिए तमाम तर्क और कुतर्क दिए जाते हैं। कई बार राजनीतिक दल ऐसे मुद्दों में स्वयं ही फंस जाते हैं। कांगे्रस और तृणमूल कांगे्रस की ममता बनर्जी के साथ भी ऐसा ही हो रहा…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) भारतीय रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका को देखते हुए दो महीने में लगातार दूसरी बार रेपो रेट में वृद्धि की है।इसके साथ ही आरबीआई ने संकेत दिया है कि दुनिया में करेंसी वार छिड़ गया है और भारत को इससे सतर्क रहना होगा ताकि कोई प्रभाव नहीं पड़े।रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल ने इस संबंध कहा कि अमेरिका की नीतियाँ विश्व को…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) एक कहावत है सूत न कपास जुलाहों में लट्ठम लट्ठा। यह कहावत वर्तमान में विपक्षी दलों द्वारा संभावित गठबंधन की दशा और दिशा पर पूरी तरह से चरितार्थ होती दिखाई दे रही है। देश में सत्ता प्राप्त करने के लिए विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा जिस प्रकार छटपटाहट में गठबंधन बनाने का प्रयास किया जा रहा है, उसी प्रकार से विपक्षी क्षेत्रीय दलों द्वारा गठबंधन…
-निर्मल रानी दलित समुदाय को देश का बड़ा वोट बैंक मानकर की जाने वाली राजनीति का सिलसिला इन दिनों पूरे शबाब पर है। सत्ता के 'विशेष पारखी' तथा सत्ता में बने रहने का हुनर बखूबी जानने वाले केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के दिल में 2019 में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव आने से पूर्व एक बार फिर दलितों के प्रति उनका 'अपार प्रेम' झलकता दिखाई पड़ा। ऊना से लेकर सहारनपुर तक…
-जावेद अनीस राजनीति एक ऐसा खेल है जिसमें चाहे-अनचाहे दुश्मन भी जरूरत बन जाते हैं. चुनाव के मुहाने पर खड़े मध्यप्रदेश में इन दिनों कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है जिसमें दो कट्टर प्रतिद्वंदी एक दूसरे को निशाना बनाकर अपनी पोजीशनिंग ठीक कर रहे हैं. शिवराजसिंह और दिग्विजय सिंह के बीच अदावत किसी से छिपी नहीं है लेकिन आज हालत ऐसे बन गये हैं कि दोनों को…
बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) भारत छोड़ो आंदोलन द्वितीय विश्वयुद्ध के समय 8 अगस्त 1942 को आरम्भ किया गया था। आंदोलन मकसद भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराना था। ये आंदोलन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ओर से चलाया गया था। भारत छोड़ो आंदोलन जिसे अगस्त क्रांति आंदोलन भी कहा जाता है वास्तव में भूमिगत क्रांतिकारी आंदोलन और गांधी के नेतृत्व में चले जनता के अहिंसक आंदोलन…
-सुरेन्द्र कुमार, हिमाचल प्रदेश रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी ने गत सप्ताह गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में लगातार दूसरी बार रेपो रेट में 0.25 फीसदी वृद्धि की घोषणा की है। एमपीसी ने यह बढ़ोतरी वर्तमान में उभरती आर्थिक स्थिति के आकलन के तहत की है। रेपो रेट से अभिप्राय उस दर से है जिस पर रिजर्व बैंक अन्य बैंकों को कर्ज देता है। दरअसल…
-इं. ललित शौर्य रणभेरी बजने लगी है। चुनावी चौपड़ बिछ रही है। गोटेबाज गोटियां बिछा रहे हैं। नारे और वादे गढ़ने के लिए ठेका दे दिया गया है। तुकबन्दीबाज, तुकबन्दियाँ बनाने में मशगूल हैं। नेताजी अपनी इमेज चमकाने के लिए शोसल मीडिया के योद्धाओं को आदेश दे चुके हैं। इस बार चुनावी युद्ध में गोले बम बारूद सब कुछ सोशल मीडिया के ब्रह्मोसी मुख से उगले जाएंगे। वार और तलवार…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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