articles

वन्देमातरम

-संध्या चतुर्वेदीवंदे मातरम का सृजन भले ही 1882 में हुआ था।बंकिमचंद्र चटोपाध्याय जी ने इसका सृजन अपनी कलम से किया था।।जो बंगला और संस्कृत का मिश्रण है।।लेकिन ये स्वर आज भी युवा से ले कर प्रौढ तक के ह्रदय में जोश भर दे,वो शक्ति वो ऊर्जा है इस मे।ये स्वर भले ही आजादी की लड़ाई में निकले थे,लेकिन जब भी क्रांति और यलगार की याद करनी हो।इसे सुन ने से…
-डा. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा यह कैसी बिडंबना है कि देश के 17 राजनीतिक दल चुनाव आयोग से मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने की मांग करने जा रहे हैं। इसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के राजनीतिक दलों की प्रतिगामी सोच ही माना जा सकता है। इस सोच के पीछे जो कारण बताया जा रहा है वह है इलेक्ट््रोनिक वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ की संभावनाएं। मजे की बात यह…
-डॉ मोनिका ओझा भारत की अर्थव्यवस्था एक बार फिर परवान पर है। अब मोदी सरकार की आर्थिक योजनाओं और सुधारों को इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड ने भी हरी झंडी दिखादी है। अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित अनेक विपक्षी नेताओं के लगातार हमले को झेलना पड़ रहा है ऐसे में आईएमएफ ने भारत की अर्थव्यस्था को लेकर बड़ी बात कही है जो मोदी सरकार को सुकून…
-डॉ प्रदीप उपाध्यायलोकतंत्र में युवराज पैदा होना या फिर युवराज हो जाना किस्मत की बात है और यदि कोई नाम से ही युवराज हो जाए तो यह चार चाँद लगने वाली बात हो जाती है।ऐसा ही कुछ उनके साथ भी है जिनका नाम ही युवराज है और फिर एक बड़े क्षेत्रीय राजनीतिक दल के यूथ विंग के सेक्रेटरी हैं।वे युवा हैं तो अतिरिक्त उर्जा से ओतप्रोत तो रहेंगे ही।जिसके पीछे…
-अब्दुल रशीद विश्व का प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन 9 अगस्त 1994 में जेनेवा शहर में आदिवासियों को उनके अधिकार दिलाने और उनकी समस्याओं का निराकरण, भाषा संस्कृति, इतिहास आदि के संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आयोजित किया गया था। इस आयोजन में विश्व के सभी देशों से आदिवासियों के प्रतिनिधियों ने सिरकत किया,तभी से सभी देशों में 9 अगस्त को आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा,लेकिन…
पुस्तक समीक्षा – 'यरे...रिश्तों के'‘दायरे.... रिश्तों के’ 25 लाजवाब कहानियों का यह कहानी संग्रह रोहिणी दिल्ली की लेखिका नीलू सिन्हा की भाव-प्रधान कृति है । इस संग्रह की सभी कहानियां मुख्य रुप से समाज का खोखलापन, रिश्तो में निहित स्वार्थ, रिश्तो से परे प्रेम इत्यादि भावनाओं से परिपूर्ण है। प्रथम कहानी ‘तृष्णा और बया’ तथा ‘कर्म भूमि’ में स्त्री की ममता पूर्ण छवि का रोचक वर्णन है। तो वहीं शीर्षक…
-विनोद कुमार विक्की (स्वतंत्र लेखक सह व्यंग्यकार) "मनुष्य अकेला जन्म लेता है लेकिन हमेशा बंधनों में बंधा रहता है" ये पंक्ति प्रायः सभी धार्मिक संस्थानों में तख़्तियों पर बड़े बड़े अक्षरों में लिखी नजर आ जाती है।जिसे पढ़ता तो हर टाइप का भक्त है लेकिन समझने की किडनी मेरा मतलब दिमाग किसी के पास नहीं है।कहने का आशय यह है कि मनुष्य सिर्फ़ जन्म के समय ही स्वतंत्र है किंतु…
-तनवीर जाफ़री नई दिल्ली के मुनीरका क्षेत्र में 16 दिसंबर 2012 को हुए निर्भया नृशंस सामूहिक बलात्कार व हत्याकांड के बाद देश में जिस प्रकार का जनाक्रोश उमड़ते देखा गया था आज लगभग 6 वर्षों बाद एक बार फिर लगभग उसी प्रकार की आवाज़ मुज़फ्फरपुर स्थित बालिका गृह में सुनियोजित ढंग से लंबे समय से चलने वाले यौन शोषण को लेकर देश के कई भागों से उठती दिखाई दे रही…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) पाकिस्तान में नई सरकार बनने की कवायद होने लगी है। यह भी स्पष्ट हो चुका है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रुप में पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी इमरान खान शपथ लेने जा रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से शपथ ग्रहण समारोह में बुलाये जाने वाले अतिथियों के बारे में स्पष्ट तौर पर मना किया जा चुका है। ऐसी बातें भी समाचारों में सामने आर्इं थी…
-जावेद अनीस मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान अपने लम्बे कार्यकाल के दौरान बेहिसाब घोषणाओं, विकास के लम्बे-चौड़े दावों और विज्ञापनबाजी में बहुत आगे साबित हुये है, वे हमेशा घोषणा मोड में रहते हैं और उनकी सरकार के चमचमाते विज्ञापन प्रदेश के साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी खुले जेब के साथ प्रसारित होते हैं जिसमें मुख्य रूप से शिवराज और उनकी सरकार की ब्रांडिंग की जाती है. अब विधान सभा चुनाव…
Page 1 of 62

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें